दिल्ली का हाल हुआ प्रदूषण से बेहाल
दिल्ली का हाल हुआ प्रदूषण से बेहाल साल 1978 में आई फिल्म 'गमन' का ये गाना आज देश की राजधानी दिल्ली में रहने वाल लोगों के हालात को बखूबी बयां करता है... जहां हवा में जहर घुला हुआ है, हर सांस दिल्ली वालों पर भारी है, यमुना नदी के पानी में बर्फ जैसा सफेद लेकिन जहरीला फोम भरा हुआ है, लोगों के चेहरों पर मास्क है- एक तरफ कोरोना वायरस का खौफ है, तो दूसरी ओर मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, स्वाइन फ्लू जैसी बीमारियां जिंदगी की मुश्किलें बढ़ाती जा रही हैं. लेकिन दमघोंटू हवा दिल्ली वालों के लिए सबसे बड़ी मुसीबत बन गई है. राजधानी दिल्ली के अस्पतालों में सांस की तकलीफ, लंग्स- स्किन से जुड़ी बीमारियों के मरीज बढ़ते जा रहे हैं. डॉक्टर लंग्स से लेकर दमा के मरीजों और बुजुर्गों तक को तमाम बीमारियों को लेकर चेता रहे हैं... इन सब समस्याओं से जूझ रही दिल्ली अभी कोरोना के मामले थमने के बाद खुलने ही जा रही थी कि फिर बढ़ते प्रदूषण की मार ने फिर लॉकडाउन के हालात वापस ला दिए. स्कूल बंद हो गए, दफ्तर वर्क फ्रॉम होम की ओर बढ़ चले... कंस्ट्रक्शन के काम पर रोक लग गई... गाड़ियों की ऑड- ईवन फॉर्मूले की फिर चर्चा श...